स्वप्नदोष की रामबाण होम्योपैथिक दवा

 यदि आप इंटरनेट पर स्वप्नदोष की होम्योपैथिक दवा के बारे में सर्च कर रहे हैं तो आज का यह लेख पूरी तरह से इसी के ऊपर केंद्रित है।

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इस लेख के माध्यम से मैं आपको बताउंगा कि स्वप्नदोष क्या होता है?,स्वप्नदोष होने के कारण क्या है तथा स्वप्नदोष के लक्षण आदि के बारे में पूरी जानकारी दूंगा।


स्वप्नदोष क्या होता है?


स्वप्नदोष नवयुवकों में होने वाली एक बीमारी है जो ज्यादातर 15 से 25 साल के उम्र के लोगों में होती है।


इस बीमारी में व्यक्ति को रात में सोते समय कामुक स्वप्न देखकर या बिना स्वप्न देखे वीर्यपात हो जाता है।


इसी को सामान्य बोल-चाल की भाषा में स्वप्नदोष कहते हैं।चूंकि स्वप्नदोष अक्सर रात को ही होता हैं इसलिए इसे नाइटफॉल भी कहा जाता है।


स्वप्नदोष यदि महीनें में 1 से 2 बार होता है तो इसे सामान्य माना जाता है लेकिन यदि यही स्वप्नदोष सप्ताह में 2 से 3 बार या इससे अधिक बार होने लगता है तो इसे एक बीमारी के रूप में माना जाता है।


हालांकि एलोपैथिक चिकित्सकों की माने तो स्वप्नदोष कोई बीमारी नहीं है यह एक सामान्य प्रक्रिया है।


लेकिन आयुर्वेद और होम्योपैथिक की माने तो यदि स्वप्नदोष महीने में 2 बार से ज्यादा होता है तो उसे एक बीमारी के रूप में देखा जाता है।


क्योंकि अधिक बार स्वप्नदोष होने से वीर्य पतला हो जाता है,जिसके कारण मर्दाना कमजोरी,नपुंसकता आदि बीमारी हो सकती है।


 व्यक्ति को शरीरिक व मानसिक कमजोरी आती है जिसकी चिकित्सा कराना बहुत ही जरूरी हो जाता है।


स्वप्नदोष होने के कारण


 किसी भी व्यक्ति में निम्नलिखित कारणों से स्वप्नदोष हो सकता है।

  • बहुत ज्यादा पोर्न फिल्में देखना।
  • गन्दे उपन्यास या किताबें पढ़ना।
  • बहुत ज्यादा तनाव या चिंता में रहना।
  • बहुत दिनों तक सेक्सुअल रिलेशनशिप न बनाना।
  • हमेशा कामुक विचारों में लिप्त रहना।
  • बहुत ज्यादा कमजोर होना।
  • हस्तमैथुन करना।
  • बहुत तली-भुनी चीजें खाना।
  • हमेशा पेट से सम्बंधित शिकायत रहना।
  • दिन में नींद लेना।


आदि कारणों से स्वप्नदोष की बीमारी हो जाया करती है।


स्वप्नदोष के लक्षण | Nightfall Symptoms in Hindi


किसी भी व्यक्ति में स्वप्नदोष यानी कि नाइटफॉल होने पर उसके शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं।


  1. पेशाब करते समय या पेशाब करने के बाद जलन महसूस होना।
  2. अंडरवियर में चिपचिपे पदार्थ (स्पर्म) के दाग दिखाई देना।
  3. शीघ्रपतन होना।
  4. रात को नींद के दौरान कामुक सपने देखना।
  5. मन को किसी विषय पर एकाग्र न कर पाना।
  6. पैर की पिंडलियों व कमर में दर्द होना।
  7. चक्कर आना।
  8. आँखों के नीचे काले घेरे दिखाई देना।
  9. चेहरे की चमक गायब हो जाना।
  10. यादाश्त कमजोर हो जाना।
  11. हाथ और पैर के तलुओं में पसीना होना।

आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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स्वप्नदोष की रामबाण होम्योपैथिक दवा


एसिड फास


यदि किसी व्यक्ति को हस्थमैथुन की आदत या जननांगों की शिथिलता के कारण रात को सोते समय स्वप्नदोष हो जाता हो तो उसके लिए एसिड फास एक अमोघ औषधि है।


इस दवा में रोगी को वीर्यस्राव के बाद बहुत कमजोरी महसूस होती है, टांगे शिथिल हो जाती है, रीढ़ की हड्डी में जलन होने लगती है।


जननांग शिथिल हो जाते हैं, उनमें उत्तेजना नहीं होती है,मैथुन में शीघ्रपतन जल्दी हो जाता है।


इस प्रकार की कमजोरी में इस दवा की 5 बूंद को एक चम्मच पानी में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से उपरोक्त समस्या जड़ से दूर हो जाती है।


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कैलेडियम


जननांगों पर इस दवा का विशेष प्रभाव है।इस दवा में व्यक्ति को सोते समय जननांगों में उत्तेजना होती है लेकिन जागते ही उत्तेजना समाप्त हो जाती है।


इस दवा का सबसे प्रमुख लक्षण यह है कि इसमें व्यक्ति को बिना अश्लील स्वप्नों के स्वप्नदोष हो जाता है।


सेलेनियम


सेलेनियम स्वप्नदोष या वीर्यक्षय के लिए एक मुख्य दवा है।लगभग 95% स्वप्नदोष के रोगी इसी दवा से ठीक हो जाते हैं।


इस दवा का सबसे प्रमुख लक्षण यह है कि व्यक्ति को जरा सी उत्तेजना होते ही वीर्यक्षय हो जाता है लेकिन उसकी अनुभूति बहुत देर तक बनी रहती है।


इसके अलावा सेलेनियम के रोगी को अश्लील स्वप्न बहुत आते हैं जिसके कारण उसे रात में स्वप्नदोष हो जाता है।स्वप्नदोष या शीघ्रपतन होने के बाद रोगी को बहुत कमजोरी महसूस होती है।


डायोस्कोरिया


नवयुवकों के हाल ही में होने वाले स्वप्नदोष को ठीक करने के लिए डायोस्कोरिया एक महत्वपूर्ण दवा है लेकिन जब स्वप्नदोष की बीमारी बहुत पुरानी हो जाय तब वहां पर एसिड फास के प्रयोग से लाभ होता है।


स्वप्नदोष की बीमारी में डायोस्कोरिया का सबसे प्रमुख लक्षण यह है कि इस दवा में रोगी को एक ही रात में 2 से 3 बार स्वप्नदोष हो जाता है।


स्वप्नदोष होने के बाद रोगी को घुटनों में बहुत कमजोरी महसूस होती है।जिसके कारण रोगी ठीक से चल नहीं पाता है।


स्टैफिसैगरिया


नवयुवकों के स्वप्नदोष की बीमारी के लिए स्टैफिसैगरिया भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण दवा है।


इस दवा का सबसे प्रमुख लक्षण यह है कि इस दवा का रोगी हमेशा अश्लील बातों के बारे में सोचता रहता है।


जिसके कारण रोगी को हर रात को स्वप्नदोष हो जाता है और स्वप्नदोष होने के बाद रोगी को बहुत कमजोरी महसूस होती है।


कमर में दर्द होता है।चेहरा फीका पड़ जाता है, आँखों के चारों ओर काले निशान पड़ जाते हैं।


रोगी दूसरों के सामने नजरें उठाकर बात नहीं कर सकता है।पीठ इतनी कमजोर हो जाती है कि रोगी तनकर खड़ा नहीं हो सकता है।झुककर चलता है।


सेक्स करने के बाद रोगी  हाँफने लगता है यह भी इस दवा का एक मुख्य लक्षण है। 


चायना


नये प्रकार के स्वप्नदोष को दूर करने के लिए चायना एक उत्तम दवा है।


यदि किसी व्यक्ति को कोई गम्भीर रोग भोगने के कारण उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया हो जिससे उसे बार-बार स्वप्नदोष हो जाता हो।


 तो ऐसे व्यक्तियों में इस दवा के प्रयोग से उसकी शरीरिक कमजोरी दूर होकर स्वप्नदोष की बीमारी आराम हो जाती है।


एग्नस कास्टस


जो लोग बहुत अधिक कामुक जीवन व्यतीत करके बहुत कमजोर हो गए हैं।जिनकी इन्द्रिय में उत्तेजना बिल्कुल ही नहीं होती है।


कामेच्छा बिल्कुल समाप्त हो गई है।ऐसे लोगों के स्वप्नदोष की बीमारी में एग्नस कास्टस के प्रयोग से लाभ होता है।


बैराइटा कार्ब


जिन लोगों को स्वप्नदोष हो के बाद बहुत कमजोरी महसूस हो,हृदय धड़के तथा स्नायविक शिथिलता हो तो वहां पर इन दवा के प्रयोग से लाभ होता है।


थूजा मदर टिंचर


थूजा मदर टिंचर स्वप्नदोष की बीमारी को दूर करने के लिए बहुत ही कारगर दवा है।इस दवा की 5 बूंद को आधा कप पानी में मिलाकर सुबह,शाम सेवन करने से फायदा होता है।


जैल्सीमियम


यदि किसी व्यक्ति को नींद में बिना अश्लील स्वप्न आये स्वप्नदोष हो जाता है तो इसके लिए जैल्सीमियम के प्रयोग से फायदा होता है।


इस लेख में आपने जाना कि स्वप्नदोष क्या होता है?,स्वप्नदोष होने के कारण क्या है,स्वप्नदोष के लक्षण तथा स्वप्नदोष की होम्योपैथिक दवा आदि के बारे में पूरी जानकारी

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं।


अस्वीकरण:homeoupchar.com इस लेख में बताए गए तरीकों, विधियों और दावों की पुष्टि नहीं करता है, इन्हें केवल सुझाव के रूप में लें, ऐसे किसी भी उपचार/दवा को लागू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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